

ललित जैन राणापुर
नगर के पुराने बस स्टैंड पर स्थित संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की सुरक्षा और उपेक्षा को लेकर अनुयायियों ने आज फिर से नाराजगी जताई है । अपनी मांगों को लेकर अड़े अनुयायियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर करते हुए एक ज्ञापन दिया और निराकरण के लिए डेडलाइन तय करते हुए तत्काल निराकरण की मांग की ।
ऋतिक चौहान के तल्ख तेवर, प्रशासन को दिखाया आईना
ज्ञापन का वाचन करते हुए ऋतिक चौहान ने बेहद तल्ख लहजे में प्रशासन के अब तक के ढुल-मुल रवैये पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा की नाक का क्षतिग्रस्त होना और आसपास गंदगी का साम्राज्य प्रशासन की लापरवाही का जीवंत प्रमाण है। उनके तीखे सवालों के सामने अधिकारी भी निरुत्तर नजर आए।
मौके पर पहुँचे अधिकारी, तुरंत शुरू हुई कार्रवाई
अनुयायियों के आक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार हुकमसिंह निगवाल, नगर परिषद इंजीनियर अर्पित हटीला, अध्यक्ष प्रतिनिधि दिलीप नलवाया और निर्माण समिति अध्यक्ष राजू ठाकुर तुरंत प्रतिमा स्थल पर पहुँचे।
अधिकारियों ने अनुयायियों की मांगों को जायज मानते हुए मौके पर ही निम्नलिखित निर्णय लिए:
स्टील फेंसिंग: प्रतिमा की सुरक्षा के लिए चारों तरफ मजबूत स्टील की जाली लगाई जाएगी।
नया चढ़ाव: श्रद्धा प्रकट करने और माल्यार्पण के लिए नया चढ़ाव (सीढ़ियाँ) बनाया जाएगा।
तत्काल लाइनिंग: इंजीनियर अर्पित हटीला ने बिना देरी किए मौके पर ही निर्माण कार्य के लिए लाइनिंग डलवा दी।
अतिक्रमण मुक्त परिसर: प्रतिमा के पास से चाय के ठेले हटाने और गंदगी पूरी तरह साफ करने के सख्त निर्देश दिए गए।
14 अप्रैल का अल्टीमेटम
अनुयायियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती) तक सौंदर्यीकरण और सुरक्षा का कार्य पूरा नहीं होता है, तो उग्र कार्रवाई की चेतावनी दी । फिलहाल, प्रशासन द्वारा तुरंत लाइनिंग डालने और आश्वासन देने के बाद अनुयायियों ने संतुष्टि व्यक्त की है।
