

ललित जैन राणापुर
नगर में पुलिस थाने की दीवार से सटे घरों में भी अब लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। पुलिस थाने के ठीक पीछे रहने वाले प्रवीण राणावत और जितेंद्र प्रजापत के घर से गुरुवार रात चोरों ने दो बाइकें (बुलेट और अपाचे) पार कर दीं। इस दौरान पीड़ित प्रवीण राणावत द्वारा अपनी सुरक्षा और चोरों को डराने के लिए किए गए हवाई फायर के बावजूद पुलिस का मौके पर न पहुंचना सिस्टम की पोल खोल रहा है।
हवाई फायर की गूंज और पुलिस की खामोशी
पीड़ित प्रवीण राणावत ने बताया कि चोरी गुरुवार रात को हुई थी। चोरों की आहट मिलने पर उनकी नींद खुल गई। उन्होंने तुरंत अपनी लाइसेंसी बंदूक उठाई और चोरों का पीछा किया। चोरों को डराने के लिए उन्होंने हवाई फायर भी किए, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि थाने के बिल्कुल पास इतनी बड़ी हलचल और गोलियों की आवाज के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं आई। श्री राणावत ने अकेले ही काफी दूर तक चोरों का पीछा किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। सूचना देने के बावजूद पुलिस ने रात में कार्रवाई के बजाय सुबह ढूंढने का आश्वासन देकर टाल दिया।
दबाव के बाद 3 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
पिछले तीन दिनों से पुलिस गाड़ी ढूंढने का दिलासा देती रही, लेकिन जब सोमवार को पीड़ितों ने कड़ा रुख अपनाया, तब जाकर पुलिस ने मामला दर्ज किया। चोरी गई गाड़ियों में बुलेट (MP45 ZC 8732) और अपाचे (MP45 Z 0471) शामिल हैं। पुलिस ने एफआईआर में 2024 मॉडल की नई बुलेट की कीमत मात्र 20 हजार रुपये आंकी, जिस पर मालिक की कड़ी आपत्ति के बाद आंकलन में सुधार किया गया।
थाना प्रभारी का पक्ष: ‘संख्या बल की कमी से प्रभावित गश्त’
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी दिनेश रावत ने बताया कि, “बाइक चोरों को पकड़ने के लिए हमारी टीम बाग टांडा क्षेत्र में भेजी गई है और मुखबिर तंत्र भी सक्रिय है, जल्द ही चोर गिरफ्त में होंगे।”
सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में पुलिस के पास संख्या बल (स्टाफ) की कमी है। उन्होंने बताया कि पहले सुरक्षा के लिए 4 पॉइंट थे, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण अभी केवल 2 पॉइंट पर ही गश्त चल रही है। वहीं, गाड़ी की कम कीमत आंकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस एक सामान्य अंदाज के आधार पर कीमत का आंकलन करती है।
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थाना प्रभारी की सफाई से स्पष्ट है कि स्टाफ की कमी का सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। थाने के ठीक पीछे चोरी और हवाई फायर जैसी गंभीर घटना के बाद भी पुलिस का समय पर न पहुंचना नगर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
