ललित जैन राणापुर
मध्य प्रदेश के हजारों शिक्षकों के भविष्य पर मंडरा रहे पात्रता परीक्षा (TET) के संकट को लेकर अब प्रदेश के दिग्गज सांसदों ने मोर्चा खोल दिया है। झाबुआ-रतलाम सांसद श्रीमती अनीता चौहान, खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल और खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल खुलकर शिक्षकों के समर्थन में आ गए हैं।
संसद में गूंजी शिक्षकों की पीड़ा
झाबुआ सांसद अनीता चौहान ने इस मुद्दे को सीधे देश की सबसे बड़ी पंचायत, संसद भवन में उठाया। उन्होंने सभापति के माध्यम से सरकार का ध्यान खींचते हुए कहा कि जो शिक्षक पिछले 20-25 वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और जिनके पास अनुभव का विशाल भंडार है, उनसे अब दोबारा पात्रता परीक्षा लेना तर्कसंगत नहीं है। इस निर्णय से शिक्षकों के मनोबल पर गहरा आघात लग रहा है और वे मानसिक दबाव में हैं।
’नियम लागू होने से पहले की नियुक्तियों पर परीक्षा अनुचित’
खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को कड़ा पत्र लिखा है। पत्र के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
विधि सम्मत नहीं: आरटीई (RTE) अधिनियम 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर पात्रता परीक्षा थोपना कानूनी रूप से सही नहीं है।
पुराने नियमों का हवाला: इन शिक्षकों की नियुक्ति 2001 के एनसीटीई नियमों के तहत हुई थी, जिसमें TET का कोई प्रावधान नहीं था।
सेवा समाप्ति का डर: नए मापदंडों के कारण वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षक अपात्र हो सकते हैं, जिससे उनके और उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी इसी सुर में अपनी बात रखते हुए सरकार से शिक्षकों को राहत देने की पुरजोर मांग की है।
शिक्षक संगठनों ने जताया आभार
पांच जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन तीन शक्तिशाली आवाजों के समर्थन में आने पर मप्र ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन में हर्ष की लहर है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर (मंडला), प्रदेश मीडिया प्रभारी इरफान मंसूरी (धार), प्रदेश महासचिव मनीष पवार (झाबुआ) और प्रदेश सचिव हेमेंद्र मालवीय (बड़वानी) ने सांसदों के इस कदम का स्वागत किया है।
”यह केवल शिक्षकों की नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि उनके सम्मान और अनुभव की कद्र करने का विषय है। हम सांसदों के इस प्रयास के लिए उनके आभारी हैं।” — शिक्षक संघ प्रतिनिधि
