ललित जैन,राणापुर
पुण्य सम्राट श्रीमद विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी म.सा. द्वारा स्थापित श्री राज राजेंद्र जयंत गोपाल गौशाला में सेवा के नए आयाम जुड़ने जा रहे हैं। नगर में प्रवासार्थ बिराजित पूज्य मुनिराज श्री सिद्धरत्न विजयजी म.सा. एवं मुनिराज श्री प्रशमसेन विजयजी म.सा. आदि ठाणा ने आज गौशाला का विस्तृत अवलोकन किया।
विशाल शेड और आधुनिक प्याऊ की सौगात:
निरीक्षण के दौरान मुनिराजों ने 200 से 300 गायों की क्षमता वाले विशाल शेड हेतु प्रस्तावित भूमि का अवलोकन किया। साथ ही, गायों के लिए पीने के पानी की वर्तमान व्यवस्था को देखते हुए गुरु भगवंतों ने एक सुसज्जित और आधुनिक प्याऊ (जल कुंड) बनवाने का पावन सुझाव दिया। उन्होंने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि गौमाता को शुद्ध और सुलभ जल मिलना उनके संरक्षण की पहली कड़ी है। मुनि भगवंतों के इन सुझावों को शिरोधार्य करते हुए गौशाला समिति ने शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुनिराजों ने गौ-सेवा को गुरुदेव की सच्ची विरासत बताया। निरीक्षण के दौरान गौशाला अध्यक्ष हरिओम दवे, श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय राणापुर के नवयुवक परिषद् अध्यक्ष प्रवीण नाहर,श्री संघ के वरिष्ठ दिनेश नाहर,सुरेश सकलेचा, शैलेंद्र सेठ,विपुल सेठ,प्रदीप भंसाली,पवन नाहर,हितेश जैन,निलेश सालेचा, अवि सकलेचा,गोपाल हरसोला,प्रकाश अग्रवाल,हेमंत पंचोली,नीलम पंचोली, पल्लव पीठवा एवं गौशाला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में गौ सेवक उपस्थित थे।
