
ललित जैन राणापुर
मोहनखेड़ा की पावन धरा पर, हृदय सम्राट, धर्मदिवाकर, वर्तमान गच्छाधिपति श्रीमद्विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा और मंगल आशीर्वाद से ‘श्री जयंत नवपद उत्सव’ का भव्य आयोजन श्री जयन्त्सेन म्यूजियम (श्री राज राजेन्द्र जैन श्वे. तीर्थ दर्शन प. चे. ट्रस्ट), मोहनखेड़ा में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो रहा है। इस अवसर श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद शाखा राणापुर के द्वारा तपस्वियों की सेवा का लाभ लिया गया । परिषद की सेवा के योगदान पर आयोजक परिवार ने शाखा को सम्मानित किया ।
आयंबिल शाला की संभाली कमान
उत्सव के तृतीय दिवस (आचार्य पद आराधना) के अवसर पर राणापुर नवयुवक परिषद के सदस्यों ने अपनी अनन्य सेवाएँ प्रदान कीं। परिषद के युवाओं ने आयोजन स्थल पर स्थित आयंबिल शाला की व्यवस्थाओं का उत्तरदायित्व पूरी निष्ठा के साथ संभाला। भक्तों की सुविधा, अनुशासन और सुचारू भोजन वितरण में परिषद का प्रबंधन अत्यंत सराहनीय रहा।
लाभार्थी परिवार द्वारा बहुमान
युवाओं के इस निस्वार्थ सेवा भाव और समर्पण को देखते हुए, मुख्य आयोजक व निवेदक श्रीमती हंजाबाई वरदीचन्दजी तातेड़ परिवार, धार एवं परिषद् के प्रांतीय अध्यक्ष श्री मोहित जी तातेड द्वारा राणापुर नवयुवक परिषद का तिलक लगाकर और शाल श्री फल भेंट कर विशेष बहुमान किया गया। लाभार्थी परिवार ने परिषद के युवाओं की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेवाभावी युवा ही समाज और शासन की असली शक्ति हैं।
धार्मिक अनुशासन का परिचय
गुरु भगवंत की पावन उपस्थिति में आयोजित इस उत्सव में युवाओं का यह जुड़ाव न केवल प्रबंधन को मजबूती प्रदान कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बना हुआ है। आचार्य पद की आराधना के दिन युवाओं द्वारा दिखाई गई यह कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन आज के दिन के महत्व को और भी सार्थक बना गया।
