निष्कपट और निष्काम भक्ति से ही प्रसन्न होते हैं भगवान: स्वामी शांति प्रिय दास जी

राणापुर के श्री कृष्ण गार्डन में भागवत कथा के चतुर्थ दिन उमड़ा जनसैलाब, राम-कृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु

ललित जैन, मालवा न्यूज नेटवर्क, राणापुर
राणापुर। स्थानीय श्री कृष्ण गार्डन में आयोजित भव्य श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। व्यास पीठ पर विराजित परम पूज्य स्वामी श्री शांति प्रिय दास जी महाराज ने ज्ञान की वर्षा करते हुए कहा कि कलयुग में मानव भगवान की भक्ति तो करता है, लेकिन उसके मन में आसक्ति और सांसारिक इच्छाएं इतनी हावी होती हैं कि वह भगवान के सामने अपनी मांगों की झड़ी लगा देता है। ऐसे में भगवान भी सोच में पड़ जाते हैं कि भक्त को अपनी भक्ति दें या उसकी अनंत तृष्णा और लालसा को पूरा करें। स्वामी जी ने आह्वान किया कि वासना और व्यसन से दूर रहकर निष्काम प्रेम से की गई भक्ति ही ईश्वर को प्रसन्न करती है। इस असार संसार में अगर कुछ मांगना ही है, तो दोनों हाथ फैलाकर ईश्वर से केवल उनकी भक्ति मांगो।

शिव का त्याग और प्रह्लाद की भक्ति का जीवंत प्रसंग

कथा के दौरान स्वामी जी ने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप के प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। वहीं, समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए उन्होंने भगवान शिव के स्वरूप और सृष्टि की रक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए विषपान (त्याग) के महत्व को समझाया।

“मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं” : सनातन को तोड़ने वाली ताकतों को दें मुंहतोड़ जवाब

देश की वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वामी जी ने राष्ट्र और धर्म की एकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “समस्त हिंदू सनातनियों में चाहे लाख मतभेद हों, लेकिन मनभेद कभी नहीं होना चाहिए। आज देश में विघटनकारी तत्व सक्रिय होकर सनातन को कमजोर करने और हिंदू समाज को बांटने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। हमें ऐसे तत्वों से बेहद सावधान रहना होगा और एकजुट होकर उन्हें मुंहतोड़ जवाब देना होगा।”

नंद के घर आनंद भयो… के जयकारों से गूंजा पांडाल

चतुर्थ दिवस की कथा में भगवान श्री राम और श्री कृष्ण का प्राकट्य उत्सव (जन्मोत्सव) बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे पंडाल को रंग-बिरंगे गुब्बारों से भव्य रूप से सजाया गया था। जैसे ही व्यास पीठ से भगवान के जन्मोत्सव का वाचन शुरू हुआ, पूरा पंडाल “भए प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौशल्या हितकारी” और “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने रंग-गुलाल और फूलों की बौछार कर भगवान का स्वागत किया और झूमने लगे।

प्रमुख जनों ने उतारी आरती, माखन-मिश्री का बंटा प्रसाद

भगवान के जन्मोत्सव पर माखन-मिश्री की विशेष प्रसादी का वितरण भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर नायक द्वारा किया गया। कथा के मुख्य यजमान गोवर्धन गुर्जर, सह यजमान मांगीलाल रूपचंद जी राठौड़, कंचन कांति कुंज परिवार एवं भोजन-आरती-प्रसादी के यजमान राजेंद्र कुमार माहेश्वरी, रामेश्वर, नारायण हरसोला, विष्णु प्रसाद अग्निहोत्री, शांतिलाल नायक, रणछोड़ राठौड़ (ठेकेदार), प्रकाशचंद्र हरसोला, लक्ष्मीकांत सोनी, नीलेश हरसोला सहित विभिन्न समाजों के प्रमुखों ने महाआरती कर धर्म लाभ लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में आयोजन समिति के रमेश चंद्र राठौड़, विष्णु प्रसाद अग्निहोत्री, रामेश्वर हरसोला, मनीष पंवार, शांतिलाल नायक और हरेंद्र हरसोला ने पधारे हुए सभी धर्मप्रेमी बंधुओं का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन मनीष पंवार द्वारा किया गया।

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