

ललित जैन राणापुर
चैत्रीय पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्वेतांबर जैन श्रीसंघ द्वारा नगर में भव्य चैत्य परिपाटी का आयोजन किया गया। पूज्य साध्वी जी की पावन निश्रा में आयोजित इस धार्मिक उत्सव में पूरा नगर जिनेश्वर देव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
भव्य चल समारोह और सिद्धाचल महातीर्थ की झांकी
आयोजन के तहत श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय से विशाल चल समारोह निकाला गया। इसमें सबसे आगे सुसज्जित कार में सिद्धाचल महातीर्थ की सुंदर पट रूपी तस्वीर (प्रतिकृति) विराजमान थी। भगवान के रथ में बैठने का लाभ नीलेश सोहनलाल जी कटारिया परिवार को मिला, जिनकी परिवार की महिलाएँ प्रभु को लेकर विराजमान हुईं। वहीं, श्री सुविधिनाथ जिनालय से प्रभु चांदी की पालकी में विराजित होकर निकले।
भक्ती गीतों पर झूमे श्रद्धालु
चल समारोह में सबसे आगे धर्म ध्वजा लिए युवा चल रहे थे। जनता बैंड के आकर्षक भक्ति गीतों पर समाज के युवक-युवतियां और पाठशाला के बच्चे झूमते हुए नजर आए। मार्ग में श्रद्धालुओं ने अक्षत और श्रीफल से सुंदर गहुली बनाकर भगवान की वंदना की।
आराधना भवन में स्थापना और वंदना
नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ यह चल समारोह श्री आराधना भवन पहुँचा। यहाँ सिद्धाचल जी की तस्वीर की ससम्मान स्थापना की गई। ललित जैन ने बताया कि पूज्य साध्वी जी ने सभी श्रावक-श्राविकाओं को विधि-विधान से वंदन करवाया और चैत्रीय पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व बताया। इस अवसर पर आयोजित आरती का लाभ नीलेश सोहनलाल जी कटारिया परिवार ने लिया।
स्वामीवत्सल और प्रभावना का वितरण
धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात प्रभावना का वितरण रमेशचंद्र बसंतीलाल जी सालेचा परिवार की ओर से किया गया। कार्यक्रम के अंत में भव्य स्वामीवत्सल (सामूहिक भोज) का आयोजन हुआ, जिसका लाभ नीलेश सोहनलाल जी कटारिया परिवार ने लिया। श्रीसंघ ने इस सफल और गरिमामय आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया। *श्री सीमंधर स्वामी मंदिर दादावाड़ी पर भी हुआ वंदन*
श्री सीमंधर स्वामी मंदिर में भी श्री सिद्धाचल पट के समक्ष भाव यात्रा देव वंदन चैत्य वंदन हुआ ।
साध्वी श्री जी ने यहां भी सिद्धाचल की यात्रा के बारे में जानकारी दी । पट की आरती हुई जिसका लाभ मनोहर लाल सकलेचा परिवार ने लिया । प्रभावना राजेंद्र सियाल की ओर से वितरित की गई ।
