

ललित जैन राणापुर
पुण्य सम्राट आचार्य श्री जयंत सेन सुरीश्वरजी के पट्टधर,नगर के गौरव और लाड़ले संत, परम पूज्य श्रीमद्विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म.सा. के शुभ जन्मोत्सव पर उनकी जन्मस्थली राणापुर भक्ति के रस में सराबोर हो उठी।
जन्मभूमि का ऋण और गुरु की विरासत
परिषद के ललित जैन ने बताया कि राणापुर वह पावन धरा है जिसे पूज्य गुरुदेव की जन्मस्थली होने का सौभाग्य प्राप्त है। इसी गौरव को ध्यान में रखते हुए, श्री संघ एवं अ भा श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद् श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय द्वारा राज राजेंद्र जयंत गोपाल गौशाला में एक ‘गौ-ग्रास’ (गौ-सेवा) कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आयोजित गुरु गुणानुवाद में वक्ताओं ने कहा कि आचार्य श्री ने सदैव पुण्य सम्राट के प्रति समर्पित भाव से उनकी सेवा का मार्ग चुना । सादगी और सदा मुस्कराते चेहरे के साथ गच्छाधिपति ने गुरुदेव पुण्य सम्राट श्री जयंत सेन सूरीश्वरजी म.सा. ने जो जीव-दया और सेवा के संस्कार दिए थे, उन्हें आत्मसात करते हुए पुण्य सम्राट के पश्चात पूरे भारत के संघ को एकजुट रखते हुए पुण्य सम्राट की ध्वजा को लहराया है । इस मांगलिक अवसर पर समाज के नेतृत्व और वरिष्ठ जनों की गौरवशाली उपस्थिति रही। आयोजन में श्री संघ अध्यक्ष चंद्रसेन कटारिया एवं परिषद् अध्यक्ष प्रवीण नाहर के साथ-साथ संघ के वरिष्ठ मार्गदर्शक मनोहर लाल नाहर, दिनेश चंद्र नाहर, कल्पेश जैन, जितेंद्र सालेचा, पवन नाहर एवं योगेश सालेचा ने सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सेवा कार्यों में हाथ बंटाया। इनके साथ ही पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी बड़ी संख्या में शामिल होकर गौ-माता की सेवा की और गुरुदेव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की।पूरा आयोजन “सेवा सम्राट स्व. श्री रतनलाल जी नाहर” की पावन स्मृति में लाभार्थी परिवार द्वारा आयोजित किया गया। उनकी सेवाभावी छवि को नमन करते हुए समाज ने इस पहल को गुरु-भक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
