


ललित जैन राणापुर
नगर के मुख्य हाट बाजार के दिन आज प्रशासन के असमंजस भरे फैसलों और व्यापारियों के साथ आपसी बातचीत के अभाव के कारण जबरदस्त टकराव और हंगामा देखने को मिला। बस स्टैंड और एमजी रोड से अचानक दुकानें व ठेला गाड़ियां हटाने से नाराज सब्जी और फ्रूट विक्रेताओं ने बस स्टैंड और झाबुआ नाके पर चक्का जाम करने का प्रयास किया। इसके बाद आक्रोशित व्यापारियों ने तहसीलदार हुकमसिंह निगवाल की गाड़ी का घेराव कर उसके ठीक सामने फल-सब्जियां सड़क पर फेंक कर उग्र विरोध दर्ज कराया। इस भारी गतिरोध के बाद, SDM के हस्तक्षेप पर व्यापारियों को केवल आज के लिए अस्थायी राहत दी गई।
रात में आदेश स्थगित, सुबह अचानक कार्रवाई; संवादहीनता पड़ी भारी
पूरा विवाद प्रशासन और व्यापारियों के बीच आपसी बातचीत के अभाव और ऐन वक्त पर बदले गए फैसलों के कारण हुआ। दरअसल, हाट बाजार को कृषि उपज मंडी में शिफ्ट करने का निर्णय अचानक शुक्रवार शाम को लिया गया था। इस निर्णय की जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापारियों ने तत्काल SDM सहित सभी आला अधिकारियों से संपर्क कर अपनी व्यावहारिक दिक्कतें बताईं और विरोध दर्ज करवाया।व्यापारियों की बात सुनने के बाद शुक्रवार रात को ही SDM श्री महेश मंडलोई ने हाट बाजार को मंडी में शिफ्ट करने का निर्णय स्थगित कर दिया था। रात में आदेश स्थगित होने के चलते ही सब्जी और फल विक्रेताओं ने यह समझा कि स्थिति यथावत है, और उन्होंने सुबह बेचने के लिए भारी मात्रा में फल-सब्जियों की खरीदारी कर ली। लेकिन प्रशासन के निचले अमले और व्यापारियों के बीच आपसी बातचीत का ऐसा अभाव रहा कि सुबह अचानक नगर परिषद की टीम और तहसीलदार निगवाल दुकानों को हटाने मैदान में उतर गए।”संवाद का अभाव न होता तो बच जाता हमारा आर्थिक नुकसान”अचानक हुई इस कार्रवाई से छोटे व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित व्यापारियों का कहना था कि, “यदि प्रशासन को दुकानें नहीं ही लगाने देनी थीं, तो रात में आदेश स्थगित कर असमंजस क्यों पैदा किया गया? हमारे और प्रशासन के बीच बातचीत का ऐसा अभाव रहा कि हमें सुबह तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं थी। यदि हमें पहले ही साफ मना कर दिया जाता, तो हम सुबह फल-सब्जी खरीदकर नहीं लाते और हमारा भारी आर्थिक नुकसान बच जाता।”इसी बात से नाराज होकर व्यापारियों ने झाबुआ नाके पर चक्का जाम कर दिया और जब तहसीलदार की गाड़ी आई, तो विरोध स्वरूप अपनी सब्जियां और फल गाड़ी के ठीक सामने सड़क पर बिखेर दिए।
प्रभावित रहा बसों का संचालन
हंगामे और चक्का जाम के प्रयास के चलते सुरक्षा के लिहाज से यात्री बसें मुख्य बस स्टैंड पर नहीं आईं, जिससे यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, जैसे ही प्रशासन और व्यापारियों के बीच बातचीत हुई और मामला शांत हुआ, बसों का संचालन दोबारा बस स्टैंड से सुचारू रूप से शुरू हो सका।
’मालवा न्यूज नेटवर्क’ पर तहसीलदार हुकमसिंह निगवाल का पक्ष
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तहसीलदार श्री हुकमसिंह निगवाल ने ‘मालवा न्यूज नेटवर्क’ को जानकारी देते हुए बताया कि:”अनुविभागीय अधिकारी (SDM) श्री महेश मंडलोई के निर्देश पर ही आज हाट बाजार में सब्जी एवं अन्य व्यापारियों को दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। अभी कृषि उपज मंडी में साफ-सफाई, शौचालय और जल व्यवस्था की कुछ कमी है, जिसे ध्यान में रखते हुए और इस शनिवार के हाट बाजार में व्यापारियों की भारी जबरजस्ती (हठ) के चलते यह छूट दी गई है।”तहसीलदार श्री निगवाल ने आगे कहा कि सब्जी विक्रेताओं की सुविधा के लिए नगर परिषद ने बकायदा एक सुव्यवस्थित सब्जी मंडी बनाई हुई है, जो बस स्टैंड से बिल्कुल लगी हुई है। इसके बावजूद यह सब्जी मंडी पूरी तरह खाली पड़ी हुई है और व्यापारी मुख्य रास्तों पर अड़े हुए हैं। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि अगले हाट बाजार से सभी दुकानें अनिवार्य रूप से सब्जी मंडी और कृषि उपज मंडी में ही लगेंगी, उल्लंघन करने पर प्रतिबंधात्मक वैधानिक कार्रवाई की जावेगी।
