


ललित जैन राणापुर
मध्यप्रदेश के रीवा में कार दुर्घटना में दो पूज्य जैन साध्वियों के असामयिक निधन से पूरे देश के जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश है। इसी कड़ी में आज राणापुर में सकल जैन समाज के बैनर तले एक विशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
”साधु संतों को सुरक्षा दो” के नारों से गूंजा नगर
संतों की सुरक्षा की मांग को लेकर आयोजित यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई अंबेडकर चौराहा (पुराना बस स्टैंड) पहुंची। रैली में जैन समाज के युवाओं और महिलाओं ने “बंद करो बंद करो, साधु संतों की हत्याएं बंद करो” और “साधु संतों को सुरक्षा दो” जैसे गगनभेदी नारे लगाए। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर किए गए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित थे।
ज्ञापन में रखी गईं ये 6 प्रमुख मांगें
अंबेडकर चौराहे पर आयोजित सभा में कमलेश नाहर ने समाज की ओर से विस्तृत ज्ञापन का वाचन किया। ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 21 और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए सरकार से मुख्य रूप से 6 मांगें की गईं:
1 उच्चस्तरीय जाँच: रीवा दुर्घटना की SIT या न्यायिक जाँच हो और सभी डिजिटल साक्ष्य (CCTV फुटेज आदि) सुरक्षित किए जाएं।
2 संत सुरक्षा प्रोटोकॉल: हाईवे और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, रिफ्लेक्टिव बोर्ड और गति-नियंत्रण (Speed Regulation) लागू हो।
3 राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति: केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन और SOP बनाएं।
4 सुरक्षित पैदल मार्ग: राष्ट्रीय राजमार्गों पर “Pedestrian & Sant Safety Zone” घोषित किए जाएं।
5 विशेष अपराध श्रेणी: आत्मरक्षा न करने वाले और पूर्णतः अहिंसक संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए।
6 समन्वय तंत्र: स्थानीय स्तर पर “Sant Security Coordination Cell” का गठन हो।
अध्यक्षों की उपस्थिति में सौंपा ज्ञापन
इसके पश्चात सकल जैन समाज की चारों विधाओं के अध्यक्षों—दिलीप सकलेचा, चंद्रसेन कटारिया, पवन अग्रवाल एवं हार्दिक पंचोली—ने संयुक्त रूप से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित यह ज्ञापन नायब तहसीलदार अयाज खान एवं टीआई दिनेश रावत को सौंपा।
कार्यक्रम का संचालन संजय अग्रवाल ने किया, जबकि अंत में उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार पवन अग्रवाल ने व्यक्त किया।
