

ललित जैन राणापुर (मालवा न्यूज नेटवर्क)
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जहां हजारों विद्यार्थियों की धड़कनें तेज थीं, वहीं राणापुर की एक बेटी की किस्मत एक फोन कॉल ने बदल दी। नगर की होनहार छात्रा कुमारी सीमा ने प्रदेश की प्रवीण्य सूची (Merit List) में 5वां स्थान प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे राणापुर क्षेत्र का नाम प्रदेश के मानचित्र पर सुनहरे अक्षरों में लिख दिया है।
जब क्लास टीचर का आया कॉल और थम गईं सांसें
मालवा न्यूज नेटवर्क से विशेष चर्चा में सीमा ने उस रोमांचक पल को साझा किया। उन्होंने बताया, “जैसे ही इंटरनेट पर रिजल्ट अपलोड हुआ, मैं अपना रोल नंबर चेक कर ही रही थी कि तभी अचानक मेरे क्लास टीचर का फोन आया। उन्होंने मुझे बधाई देते हुए बताया कि मैंने पूरे प्रदेश में 5वां स्थान पाया है। यह सुनते ही मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।” खबर मिलते ही सीमा को तुरंत विद्यालय बुलाया गया, जहाँ शिक्षकों ने मिठाई खिलाकर उनका भव्य स्वागत किया।
संस्था के लिए गौरव का क्षण: प्राचार्य डी.एस. बघेल
इस उपलब्धि पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य श्री डी.एस. बघेल ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, “हमारी छात्रा सीमा ने प्रावीण्य सूची में 5वां स्थान प्राप्त किया है, यह पूरी संस्था और नगर के लिए गौरव का विषय है। मैं उनके उज्जवल भविष्य की मंगल कामना करता हूँ।” ### विद्यालय के रिजल्ट में ऐतिहासिक सुधार
प्राचार्य श्री बघेल ने विद्यालय की सामूहिक सफलता के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष विद्यालय का परीक्षा परिणाम बेहद शानदार रहा है:
10वीं का रिजल्ट: 94% रहा।
12वीं का रिजल्ट: 98% रहा।
निरंतर प्रगति: विद्यालय ने पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अपने परिणाम में 3% की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है।
डॉक्टर बनकर सेवा करने का है सपना
अपनी सफलता की रणनीति पर बात करते हुए सीमा ने बताया कि वह अब बायोलॉजी (Biology) विषय लेकर NEET की तैयारी करना चाहती हैं। उनका अटूट लक्ष्य है कि वे भविष्य में एक कुशल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करें।
विद्यार्थियों को दिया सफलता का ‘गुरुमंत्र‘
सीमा ने अन्य छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “विद्यार्थियों को कभी भी अपने ‘डाउट्स’ मन में नहीं दबाने चाहिए, बल्कि तुरंत अपने टीचर्स से पूछकर उन्हें क्लियर करना चाहिए। अपनी कमजोरियों को पहचानें और मेहनत जारी रखें।”
पंचायत सचिव पिता और समर्पित माता का सहयोग
सीमा के पिता ग्राम पंचायत में सचिव के पद पर पदस्थ हैं। घर की जिम्मेदारियों के बीच भी माता-पिता ने सीमा की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। सीमा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।
