मालवा न्यूज नेटवर्क (कमलेश नाहर )
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति के तहत लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त महानिदेशक श्री योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों पर अमल करते हुए, इंदौर लोकायुक्त इकाई ने झाबुआ जिला पंचायत के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता श्री मांजुसिंह परमार (निवासी ग्राम रूपाखेडा, रानापुर) झाबुआ जिला पंचायत में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। 10 मार्च 2026 को उन्हें सेवा समाप्ति की सूचना दी गई थी। जब आवेदक ने दोबारा जॉइनिंग के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आरजीएसए) श्री यश पंवार से संपर्क किया, तो आरोपी ने पुनः पद पर रखने के एवज में 15,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
सत्यापन और ट्रैप की कार्रवाई
आवेदक ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त इंदौर) श्री राजेश सहाय से की। शिकायत के सत्यापन के बाद आरोप सही पाए गए। योजना के अनुसार, कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी श्री यश पंवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कार्रवाई करने वाला दल
इस सफल ट्रैप कार्रवाई में निम्नलिखित अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे:
नेतृत्व: कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक श्री आनंद चौहान।
टीम सदस्य: आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक चन्द्रमोहन सिंह बिष्ट और आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया।
लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर (मोती बंगला, एम.जी. रोड) या दूरभाष संख्या 0731-2533160, 2430100 पर संपर्क करें।
