
ललित जैन राणापुर
आबकारी विभाग झाबुआ ने शनिवार को ग्राम धामनी नाना में एक ‘बड़ी’ सफलता का दावा किया है। मुखबिर की सूचना पर तालाब किनारे मक्के की कड़ब (सूखा चारा) के ढेर की तलाशी ली गई, तो अंदर से ‘माउंट 6000’ बियर की 52 पेटियां बरामद हुईं। विभाग ने 1.43 लाख रुपये की इस अवैध शराब को जब्त तो कर लिया, लेकिन तस्कर हमेशा की तरह ‘अज्ञात’ ही रहा। विभाग ने विडियोग्राफी और फोटोग्राफी की रस्म अदायगी कर मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन असली सवाल अब भी हवा में तैर रहे हैं।
राणापुर की हकीकत: शिकायत की तो मिली ‘मारपीट‘
एक तरफ विभाग लावारिस शराब पकड़कर अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं राणापुर क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार अपने चरम पर है। सूत्रों की मानें तो यहाँ अवैध शराब का विक्रय जोरों पर है, लेकिन विभाग की नजरें इधर इनायत नहीं होतीं। हद तो तब हो गई जब पिछले दिनों अवैध शराब की शिकायत करने वाले एक नागरिक के साथ सरेआम मारपीट की गई। जब शिकायतकर्ता ही सुरक्षित नहीं है और तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं, तो विभाग की ‘सतत कार्रवाई’ के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है।
रात का ‘अंधेर’ और विभाग की ‘चुप्पी‘
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि राणापुर क्षेत्र में रोजाना रात के समय अवैध शराब का परिवहन धड़ल्ले से होता है। आखिर क्या वजह है कि मक्के के ढेर में छिपी शराब तो साहबों को दिख जाती है, लेकिन सड़कों पर दौड़ते अवैध वाहन ‘अदृश्य’ हो जाते हैं? क्या आबकारी विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है या फिर ‘अज्ञात’ के नाम पर फाइलें बंद करने का यह सिलसिला यूँ ही चलता रहेगा?

