ललित जैन राणापुर।
नगर परिषद राणापुर में लंबे समय से चल रहा एल्डरमैन की नियुक्ति का सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। राज्य शासन द्वारा जारी की गई सूची ने न केवल दावेदारों को चौंका दिया, बल्कि पूरे नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। शासन ने तरुण सकलेचा, बदी वसुनिया, पंकज शर्मा और राजकुमार पंड्या को नगर परिषद में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्त किया है।
मालवा न्यूज़ नेटवर्क से बोले तरुण सकलेचा: “जनता की समस्याओं का होगा समाधान”
नियुक्ति के बाद मालवा न्यूज़ नेटवर्क से विशेष बातचीत करते हुए नवनियुक्त एल्डरमैन तरुण सकलेचा ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि— “यह जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए सुखद आश्चर्य है। मेरा मुख्य लक्ष्य नगर की जनता की समस्याओं को हल करवाना होगा। परिषद के कार्यों में जो भी कमियां दिखाई देंगी, उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे ताकि राणापुर के विकास को एक नई ऊंचाई मिल सके।”
सादगी और सक्रियता की जीत; नगर में बना रहा आश्चर्य
इस नियुक्ति की सबसे खास बात यह रही कि जहां नगर के कई रसूखदार और बड़े नेता एल्डरमैन की दौड़ में शामिल थे, वहीं शासन ने इन सादगी पसंद और सक्रिय चेहरों पर भरोसा जताया है। इन चारों ही व्यक्तियों को इस जिम्मेदारी की सूचना अचानक मिली। नगर में इस बात की जमकर चर्चा है कि कैसे कई दिग्गजों के दावों को पीछे छोड़ते हुए इन निष्ठावान चेहरों को परिषद में जगह मिली है।
अध्यक्ष दीपमाला नलवाया ने दी बधाई
खबर मिलते ही नगर परिषद अध्यक्ष सुश्री दीपमाला नलवाया और अध्यक्ष प्रतिनिधि दिलीप नलवाया सहित अनेक पार्षदों, गणमान्य नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त एल्डरमैन को बधाई प्रेषित की है। सोशल मीडिया पर भी सुबह से ही शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है।
जानें क्या होंगे इनके अधिकार और भूमिका
नगर परिषद में एल्डरमैन की भूमिका एक ‘अनुभवी मार्गदर्शक’ की होती है। इनके पास निम्नलिखित शक्तियाँ होती हैं:
- सदन में सहभागिता: इन्हें परिषद की सामान्य सभा की बैठकों में शामिल होने और शहर के मुद्दों पर चर्चा करने का पूर्ण अधिकार है।
- विकास योजनाओं में सुझाव: बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, जल और स्वच्छता की योजनाओं में ये अपने सुझाव दे सकते हैं।
- समिति सदस्यता: इन्हें परिषद की महत्वपूर्ण समितियों का सदस्य बनाया जा सकता है।
शहर के विकास को मिलेगी नई ऊर्जा
आम जनता के बीच सक्रिय रहने वाले इन सदस्यों से लोगों को काफी उम्मीदें हैं कि वे स्थानीय समस्याओं को बेहतर ढंग से परिषद के पटल पर रखेंगे।
