
झाबुआ | कमलेश नाहर ,20 मार्च, 2026
भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने झाबुआ में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला आयुष कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2, श्रीमती रत्नाप्रेम पवार के पति नरेंद्र पंवार को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया है। यह राशि सेवानिवृत्त कंपाउंडर के पेंशन और अन्य लाभों से संबंधित बिल पास कराने के एवज में मांगी गई थी।
पेंशन और ग्रेच्युटी के बदले मांगी थी ‘कमीशन’
शिकायतकर्ता कमल सिंह ठाकुर, जो हाल ही में 28 फरवरी 2026 को शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद से कंपाउंडर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदक के अनुसार, उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान के प्रकरण तैयार करने और कोषालय से राशि निकलवाने के बदले में ₹12,000 की रिश्वत मांगी जा रही थी।
पत्नी के बदले पति पहुंचा था पैसे लेने
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में जब शिकायत का सत्यापन किया गया, तो मामला सही पाया गया। आज शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप दल का गठन किया गया। मुख्य आरोपी श्रीमती रत्नाप्रेम पवार ने रिश्वत की राशि प्राप्त करने के लिए अपने पति नरेंद्र पंवार (63 वर्ष) को राजगढ़ चौराहा भेजा। जैसे ही नरेंद्र पंवार ने आवेदक से ₹10,000 की पहली किस्त स्वीकार की, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
कानूनी कार्रवाई जारी
कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया और उनकी टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61(2) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- आरोपी: रत्नाप्रेम पवार (सहायक ग्रेड-2) एवं उनके पति नरेंद्र पंवार।
- रिश्वत की राशि: ₹10,000 (कुल मांग ₹12,000)।
- स्थान: राजगढ़ चौराहा, झाबुआ।
- कार्यवाही टीम: निरीक्षक सचिन पटेरिया सहित इंदौर लोकायुक्त की 9 सदस्यीय टीम।
