

ललित जैन राणापुर
लोक संस्कृति के महापर्व भगोरिया का रंग आज राणापुर में पूरी भव्यता के साथ बिखरा। ऐतिहासिक गुजरी मैदान में आयोजित इस मेले में हज़ारों की संख्या में ग्रामीण पुरुष, महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर पहुंचे। जहाँ ढोल-मांदल की थाप पर लोक संस्कृति जीवंत हो उठी, वहीं राजनीतिक दलों के शक्ति प्रदर्शन और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने इस आयोजन को खास बना दिया।
सियासी दिग्गजों का जमावड़ा: भाजपा और कांग्रेस ने निकाली भव्य ‘गैर‘
मेले के दौरान प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी ‘गैर’ निकालकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
भाजपा की गैर: सांसद श्रीमती अनिता नागरसिंह चौहान और जिला अध्यक्ष भानु भूरिया के नेतृत्व में भाजपा ने विशाल गैर निकाली। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते, मुख्यमंत्री मोहन यादव के भाई नारायण यादव, जिला पंचायत सदस्य विजय भाबर,नगर परिषद अध्यक्ष सुश्री दीपमाला नलवाया पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मनोहर सेठिया,शैलेश दुबे,विजय चौहान और युवा मोर्चा के विश्वास जैन विशेष रूप से शामिल हुए। साथ ही अजजा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री सोमसिंह सोलंकी, दिलीप नलवाया, मंडल अध्यक्ष कमलेश नायक, जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर नायक और वन मंडल अध्यक्ष ज्ञानसिंह मोरी,महेश परमार,संचित कटारिया ,रौनक सोनी,सहित बड़ी संख्या में पार्षद,पंच, सरपंच और पदाधिकारी शामिल हुए।
कांग्रेस की गैर: कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने कमान संभाली। उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश डामोर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गाहरी, योगी ठेकेदार, सुरेश समीर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी और क्षेत्रीय पंच-सरपंच ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए।
बाप पार्टी: भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने भी अपनी अलग गैर निकाली, जिसमें कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी के झंडे लहराते हुए उत्साह दिखाया।
नगर परिषद और पुलिस प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था
हजारों की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा:
पेयजल व्यवस्था: भीषण गर्मी और भीड़ को देखते हुए नगर परिषद द्वारा पीने के पानी की सुंदर और व्यापक व्यवस्था की गई, जिससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को काफी राहत मिली।
सुरक्षा व्यवस्था: सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहा। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए पुलिस बल मेला स्थल और मुख्य मार्गों पर तैनात दिखा।
मेले की रौनक: झूले, चकरी और खान-पान
गुजरी मैदान पर पैर रखने की जगह नहीं थी। मेले में लगे झूले-चकरी बच्चों और युवाओं के आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं श्रृंगार, सजावट और खान-पान की दुकानों पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक चांदी के आभूषणों और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे ग्रामीणों ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया और भगोरिया का आनंद लिया।


