
कमलेश नाहर
नगर की जीवनरेखा और शान कहे जाने वाले राणासागर तालाब के शुद्धिकरण का बहुप्रतीक्षित कार्य सोमवार को शुरू तो हुआ, लेकिन यह विकास से ज्यादा राजनीतिक खींचतान के लिए सुर्खियों में आ गया। नगर परिषद द्वारा आयोजित ₹4 करोड़ 31 लाख की इस महत्वाकांक्षी योजना के भूमिपूजन कार्यक्रम से न केवल प्रभारी मंत्री नदारद रहीं, बल्कि भाजपा जिलाध्यक्ष और परिषद के 14 पार्षदों ने भी दूरी बनाए रखी।
तीन महीने के इंतजार के बाद ‘अधूरा’ आयोजन
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत इस योजना का भूमिपूजन पिछले तीन महीनों से अटका हुआ था। नगर परिषद अध्यक्ष दीपमाला नलवाया के अनुसार, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया से समय लेने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन समय न मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था। सोमवार को भाजपा जिलाध्यक्ष भानु भूरिया की सहमति के बाद कार्यक्रम तय किया गया, लेकिन उनके भी न पहुंचने पर पूर्व जिलाध्यक्ष मनोहर सेठिया के मुख्य आतिथ्य में आनन-फानन में भूमिपूजन संपन्न हुआ।
राजनीतिक गलियारों में ‘नजदीकियों’ की चर्चा
नगर में यह चर्चा जोरों पर है कि यह पूरी स्थिति भाजपा की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम है। सूत्रों की मानें तो अध्यक्ष दीपमाला नलवाया की सांसद अनिता नागर सिंह चौहान से नजदीकी के चलते मंत्री निर्मला भूरिया और जिलाध्यक्ष भानु भूरिया ने कार्यक्रम से किनारा कर लिया। इतना ही नहीं, परिषद की उपाध्यक्ष प्रियंका सोनी समेत सभी 14 पार्षदों का गायब रहना यह संकेत देता है कि संगठन और परिषद के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है।
ऐसी है शुद्धिकरण योजना (एक नजर में):
इस योजना के पूर्ण होने से तालाब में मिल रहे नालों का गंदा पानी रुक जाएगा।
कुल लागत: ₹4 करोड़ 31 लाख।
तकनीक: सीवर लाइन (2,716 मीटर) और 0.6 MLD क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट (STP)।
लाभ: गंदे पानी को फिल्टर कर उसे खेती और बागवानी के लिए उपयोग (Secondary Use) में लाया जाएगा।
संरचना: हर 30 मीटर पर मेनहोल और कुल 8 बड़े चैम्बर बनाए जाएंगे।
अध्यक्ष का पक्ष: “निमंत्रण की चूक दिखवाऊंगी”
मामले में सफाई देते हुए नप अध्यक्ष दीपमाला नलवाया ने कहा, “हमने मंत्री जी से समय लेने के लिए बहुत इंतजार किया। सोमवार का समय जिलाध्यक्ष की सहमति से तय था, लेकिन जब वे 12:30 बजे तक नहीं आए, तो हमें कार्यक्रम शुरू करना पड़ा। अन्य पार्षदों को निमंत्रण देने में कहाँ चूक हुई, इसकी मैं जाँच करवाऊंगी।”
कार्यक्रम में उपस्थिति:
इस दौरान जिला योजना समिति सदस्य मुकेश नागोरी, मनीष जैन, नप अध्यक्ष प्रतिनिधि दिलीप नलवाया, उपयंत्री अर्पित हटिला सहित नगर परिषद का स्टाफ मौजूद रहा। अब देखना यह है कि इस राजनीतिक कलह का असर योजना की रफ्तार पर क्या पड़ता है।
