ललित जैन राणापुर
आदिवासी संस्कृति के गौरवशाली पर्व भगोरिया के अवसर पर ग्राम समोई में लोक संस्कृति और राजनीति का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ आयोजित भगोरिया हाट में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और झाबुआ के लोकप्रिय विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया अपनी पूरी टीम के साथ शामिल हुए।
ढोल की थाप पर थिरके विधायक भूरिया
मेले में पहुंचे डॉ. विक्रांत भूरिया पूरी तरह से आदिवासी रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने न केवल ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकार किया, बल्कि खुद कंधे पर ढोल टांगकर उसे बजाया। ढोल की थाप और मांदल की गूंज पर विधायक को अपने बीच थिरकते देख कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का उत्साह दोगुना हो गया।
दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा
इस अवसर पर कांग्रेस की ‘गैर’ में क्षेत्र के कई प्रमुख चेहरे और जन प्रतिनिधि शामिल हुए। विधायक भूरिया के साथ मुख्य रूप से:
ब्लॉक अध्यक्ष: कैलाश डामोर
स्थानीय नेतृत्व: पूर्व सरपंच रूपसिंह बामनिया, दिनेश वसुनिया, रतन सिंह वाखला
जन प्रतिनिधि: जनपद सदस्य कालुसिंह सिंगाड़, सरपंच दिलीप सिंगाड़, सरपंच केसरसिंह बबेरिया, पूर्व सरपंच चरणसिंह हटीला
संगठन के पदाधिकारी: NSUI जिला अध्यक्ष नर्वेश अमलियार, योगी ठेकेदार, वसीम सैयद, माधुसिंह सिंगाड़, नंद किशोर बामणिया, धर्मेंद्र सोलिया, कमल किशोर बामणिया, सुरेश समीर, दिलीप भूरिया।
इसके साथ ही क्षेत्र के बड़ी संख्या में तड़वी, पटेल, वर्तमान व पूर्व सरपंच और समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संस्कृति और संगठन का संगम
मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि भगोरिया केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली परंपरा और पहचान है। समोई की जनता ने जिस गर्मजोशी से स्वागत किया है, वह दर्शाता है कि क्षेत्र में कांग्रेस की जड़ें कितनी मजबूत हैं। इस दौरान कांग्रेस टीम ने ग्रामीणों के साथ खुशियां साझा कीं और आगामी समय के लिए एकजुटता का संदेश दिया।
हाइलाइट्स:
डॉ. विक्रांत भूरिया का अंदाज़: जनता के बीच ढोल बजाकर और नृत्य कर जीता दिल।
शक्ति प्रदर्शन: भारी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से कांग्रेस ने दर्ज कराई प्रभावी उपस्थिति।
परंपरा का मान: आदिवासी वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ गैर का भव्य समापन।

